Some snap of most viewed poems...a cool refreshment out of coding..


महबूब और मोहब्बत ...
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महबूब और मोहब्बत में अगर हम सच्चे हैं,
मत सोच ए काफिर की हम अभी बच्चे हैं ,

दीदार ए सनम पे गर हम होश गँवा देते हैं,
तो ये ना समझ की हम माँ को भूला देते हैं,

फूल हाथों में लिए अब भी इतना कहते हैं,
लौट आओ हम एक ही घर में रहते हैं,
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हम रक्तबीज कहलायेंगे...
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नहीं चाहिए स्वर्णिम भारत कब तक अभिमान लुटायेंगे
काँप उठे दुश्मन का दिल कब ऐसा शौर्य दिखायेंगे

कब तक सिर कटवायेंगे हम कब तक पत्थर खाएंगे
इन गद्दारों की खातिर हम कब तक जान गंवाएंगे

नहीं सनम की कसम है कोई ना ही प्रेम गीत गायंगे
जाग रहे वो मेरी खातिर हम कब तक चुप सो पायंगे
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मुझे यूं ही बेवकूफ बने रहने दो...
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खुद ही ख्वाब सजाना उसमे झूमना , हंसना और गाना
फिर तोड़कर उन्हें खुद ही उदास हो जाना,

रास्ते चलते हुए आंसमा को देख ठहर जाना
पंछियों को उड़ते देख दिल में एक उम्मीद जगाना

हाथों को फैलाकर आंसमा को नापना
बस मुझे ऐसा ही बेवकूफ बने रहने दो
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कुछ सपने सजाये बैठा हूँ ...
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कुछ सपने सजाये बैठा हूँ अरमान जगाये बैठा हूँ,
दिल टूटा है माना मैंने दिल को समझाए बैठा हूँ,

कुछ भूल गया कुछ याद किये वादों को निभाने बैठा हूँ,
कुछ करने की उम्मीद लिए दिन रात लगाये बैठा हूँ,

वो बचपन की यादें मेरी मंदिर और मस्जिद की गलियां,
वो शाम-ए-बनारस की अपनी भोली यारी भी भुलाये बैठा हूँ ,
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हमदर्द...
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हमदर्द मेरे दिल का नाराज़ हुए बैठा है
आँखों में गुस्सा सितम हज़ार लिए बैठा है,

कह दो कोई ये इनायत उस पर नहीं जंचती
मासूम से चेहरे पर क्यों इंकार लिए बैठा है.

उसकी हंसी से कोई खुशियों से भर जाता है
क्यों वो नज़रों में तीर तैयार लिए बैठा है,
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कौन कहता है...
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कौन कहता है पहला प्यार भुलाया नही जाता ?
मैंने भुला दिया ...

सीने से लगाकर जिसकी तस्वीर को रात भर सोता था,
आज उस तस्वीर को आग में जला दिया,

नींद नहीं आती थी जिसके ख्यालों से रात भर
उसके ख्वाबों से दूर खुद को सुला दिया,
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कदम फिर तुम आसमान में रखना ...
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पहले सीखो जमीं पे चलना कदम फिर तुम आसमान में रखना ,
हर सफलता कदम चूमेगी तुम्हारा बस हौसला दिल-ऐ-जान में रखना,

भले रहो मेरी नज़रों से दूर बस वादों को अपने इमान में रखना,
मेरी चाहतों के मंजर हैं ये इन्हें प्यार के मर्तबान में रखना,

तेरे इश्क में जो नशा है उतरता नहीं ये ज़ाम हमेशा
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कभी मै बन्दर बन जाता हूँ...
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कभी मै बन्दर बन जाता हूँ कभी सिकंदर बन जाता हूँ
बे मतलब की बातें करके सबको खूब हंसाता हूँ

क्यूंकि मै ऐसा ही हूँ,....
दीदी से लड़ता हूँ जब भी उनको खूब चिढाता हूँ

मम्मी सुनकर हसने लगती कभी न मुझको कुछ भी कहती
क्यूंकि वो जानती हैं मै ऐसा ही हूँ,...
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नाराज़ नहीं मै तुमसे...
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नाराज़ नहीं मै तुमसे ख़ुदा से खफा हूँ
करना होता है जुदा तो मिलाते क्यों हो ?

सुना है हर मंजिल मिल जाती है ढूँढने से
मगर मंजिल ही नहीं जिसकी वो रास्ता दिखाते क्यों हो ?

बने नहीं रिश्ते इतने जितने टूट गए
दूर करना ही था सबसे तो पास लाते क्यों हो ?
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job ...
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सुबह निकला मै job ढूँढने जा रहा था
एक जगह देखा एक बन्दा डूबता हुआ चिल्ला रहा था,

बचाओ ..बचाओ...
मैंने अपना हाथ बढ़ाया और कहा...

आओ आओ..
वो हाथ पकड़ नहीं पा रहा था
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हुआ था मुझे प्यार ...
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हुआ था मुझे प्यार जब देखा उसे पहली बार,
प्यार तो तब हुआ जब मुझसे मिलने वो आई

थोड़ा ज्यादा मै थोड़ा कम वो बतलाई,
बातों ही बातों में आँखों के रस्ते दिल में समाई

सूरत वो भोला भाला सूट था काला
उसकी उस प्यारी सी मुस्कान ने मार डाला,
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तू क्या चाहता है ?...
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तू क्या चाहता है ?
मेरी जीत या मेरी हार ? मेरा दर्द या मेरा प्यार ?

कुछ भी कर ले तेरी ये उम्मीद भी बेकार जाएगी
तेरी कोई कोशिश मुझे ना रुला पायेगी,

तू खुदा होगा खुद के लिए
मेरी हर लब्ज तेरे खिलाफ जाएगी,
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दिल और दिमाक की लड़ाई ...
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एक दिन शुरु हो गयी मेरे दिल और दिमाक की लड़ाई
मैंने बीच में टांग अड़ाई... पूछा ''क्या हो गया भाई ?

दिल बोला मैं किसी पे आ गया हूँ..
मतलब की कोई मुझे भा गया है और

आँखों के रस्ते मुझमे समां गया है
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हुआ था मुझे प्यार ...
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माँ तुझे पता है मै तुझे कितना चाहता
सारी दुनिया से छुपकर तेरे आँचल में रहना चाहता हूँ,

तू कहती है ना बहुत बड़ा हो गया हूँ मैं
लेकिन मैं अब भी तेरी उंगली पकड़ कर चलना चाहता हूँ,

तेरे डांटने भर से नाराज़ हो जाते थे कभी हम
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PC से Pyar...
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Windows से छुप- छुप कर मैंने तुम्हे देखा जबसे
अपने दिल के notepad पे तेरा नाम लिखा तबसे,

तेरी मुस्कराहट वो प्यारी सी बातें
startup tune की वो मीठी से आवाजें,

याद आते हैं वो पल जब पापा ने तुमसे मिलाया था
और मैंने मिलते ही तुम्हे सिने से लगाया था, ...
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Himanshu Dhiraj Mishra {{ name }} Poems

Hey ! May I Know You ?

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